महेवा ब्लॉक के लौना ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का तड़का, सीडीओ बोले- होगी कड़ी कार्रवाई


 (सुरेश खरकया)
उरई (जालौन)। जनपद के विकास खंड महेवा स्थित ग्राम पंचायत लौना में भ्रष्टाचार का एक और मामला प्रकाश में आया है। यहाँ ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ने मिलकर फर्जी भुगतानों के माध्यम से लाखों रुपये की सरकारी धनराशि हड़प ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन सख्त हो गया है और सीडीओ ने जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

प्रधान पुत्र के खाते में मजदूरी के नाम पर दस लाख की हेराफेरी
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम प्रधान ने अपने पुत्र शिवेंद्र सिंह के खाते में मनरेगा योजना के तहत मजदूरी के नाम पर करीब दस लाख रुपये का भुगतान करा दिया। इसके अलावा, अमृत सरोवर तालाब में महज 50 मीटर इंटरलॉकिंग कार्य दिखाकर 14 लाख रुपये की धनराशि निकाल ली गई। श्मशान घाट में बिना सड़क बनाए ही लाखों रुपये का भुगतान किया गया, जबकि वहाँ की स्थिति अत्यंत दयनीय है।

शिकायत करने पर धमकी, प्रशासन की निगरानी पर सवाल

ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने इस मामले की शिकायत अधिकारियों से की, तो उन्हें धमकाकर चुप कराने का प्रयास किया गया। पिछले माह एक ग्रामीण ने बाउंड्री निर्माण में अनियमितता की शिकायत की थी, जिसकी जांच के दौरान मामले को दबा दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सचिव राहुल पहाड़ियां और प्रधान मिलकर विकास कार्यों की धनराशि का मनमाने ढंग से दुरुपयोग कर रहे हैं। राहुल पहारियां पर रोजगार सेवक का कार्य भी करने का आरोप है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

पूर्व सचिव भी कार्रवाई के दायरे में
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब पूर्व सचिव सुरेशचंद निषाद भी जांच के दायरे में आ गए हैं। ग्रामीणों ने उनके खिलाफ भी बड़े स्तर पर फर्जी भुगतान के साक्ष्य अधिकारियों को सौंपे हैं। ग्रामीणों ने सभी विकास कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

खानापूर्ति’ से बचने को लेकर सख्ती
पंचायतीराज अधिनियम और मनरेगा एक्ट के तहत कार्यों की निगरानी के लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर बीडीओ, एडीओ पंचायत सहित कई अधिकारी तैनात हैं, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि ये अधिकारी महज खानापूर्ति कर अपनी जेबें भरने में लगे हैं, जिससे ग्राम पंचायतों में फर्जी भुगतान की घटनाएँ लगातार हो रही हैं।

सीडीओ ने दिया सख्त निर्देश
इस पूरे मामले पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के.के. सिंह ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है, और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगा।
फोटो परिचय-श्मशान के रास्ते पर नही हुआ इंटरलाक, भुगतान का स्क्रीनशॉट

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