(राकेश कुमार)
रामपुरा (जालौन)। विकासखंड रामपुरा क्षेत्र में दशकों के इंतजार के बाद बनी पीडब्ल्यूडी की नई सड़क अब नहर विभाग की लापरवाही की भेंट चढ़ने की कगार पर है। स्टेट हाईवे 151 को हिम्मतपुर, गुढ़ा और बेरा गांवों से जोड़ने वाली यह सड़क करीब 20 वर्षों तक जर्जर हालत में पड़ी रही, जहां बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती थीं।
ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह सेंगर के प्रयासों और विधायक मूलचंद सिंह निरंजन की पहल पर आखिरकार इस मार्ग का पुनर्निर्माण हुआ, जिससे क्षेत्र के दर्जनों गांवों को राहत मिली थी। लेकिन अब हिम्मतपुर-गुढ़ा माइनर का पानी नहर में बहने के बजाय सीधे इस नई सड़क पर बह रहा है, जिससे सड़क की ऊपरी परत उखड़ने और कटाव का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।ग्रामीण सचेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बहुप्रतीक्षित सड़क का सत्यानाश हो जाएगा। सड़क पर नाले की तरह बहता पानी राहगीरों के लिए भी परेशानी का सबब बन गया है। ग्राम प्रधान हिम्मतपुर सत्येंद्र सिंह राठौर ने कहा कि किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने के लिए घुटनों भर पानी में चलना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान गुढ़ा नरसिंह सेंगर ने चिंता जताते हुए कहा कि अगर यह सड़क दोबारा खराब हुई तो आने वाले वर्षों तक मरम्मत की कोई उम्मीद नहीं रहेगी। ग्राम प्रधान महटौली शिवबरन सिंह ने बताया कि यह मार्ग कई गांवों को जगम्मनपुर बाजार से जोड़ता है।
ग्रामीणों ने नहर विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि माइनर के पानी को सड़क से हटाकर उचित रास्ता दिया जाए, ताकि करोड़ों रुपये की लागत से बनी इस महत्वपूर्ण सड़क को बचाया जा सके और लोगों को आवागमन में राहत मिल सके।
फोटो परिचय- नहर के पानी में डूबी नई सड़क
रामपुरा (जालौन)। विकासखंड रामपुरा क्षेत्र में दशकों के इंतजार के बाद बनी पीडब्ल्यूडी की नई सड़क अब नहर विभाग की लापरवाही की भेंट चढ़ने की कगार पर है। स्टेट हाईवे 151 को हिम्मतपुर, गुढ़ा और बेरा गांवों से जोड़ने वाली यह सड़क करीब 20 वर्षों तक जर्जर हालत में पड़ी रही, जहां बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती थीं।
ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह सेंगर के प्रयासों और विधायक मूलचंद सिंह निरंजन की पहल पर आखिरकार इस मार्ग का पुनर्निर्माण हुआ, जिससे क्षेत्र के दर्जनों गांवों को राहत मिली थी। लेकिन अब हिम्मतपुर-गुढ़ा माइनर का पानी नहर में बहने के बजाय सीधे इस नई सड़क पर बह रहा है, जिससे सड़क की ऊपरी परत उखड़ने और कटाव का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।ग्रामीण सचेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बहुप्रतीक्षित सड़क का सत्यानाश हो जाएगा। सड़क पर नाले की तरह बहता पानी राहगीरों के लिए भी परेशानी का सबब बन गया है। ग्राम प्रधान हिम्मतपुर सत्येंद्र सिंह राठौर ने कहा कि किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने के लिए घुटनों भर पानी में चलना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान गुढ़ा नरसिंह सेंगर ने चिंता जताते हुए कहा कि अगर यह सड़क दोबारा खराब हुई तो आने वाले वर्षों तक मरम्मत की कोई उम्मीद नहीं रहेगी। ग्राम प्रधान महटौली शिवबरन सिंह ने बताया कि यह मार्ग कई गांवों को जगम्मनपुर बाजार से जोड़ता है।
ग्रामीणों ने नहर विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि माइनर के पानी को सड़क से हटाकर उचित रास्ता दिया जाए, ताकि करोड़ों रुपये की लागत से बनी इस महत्वपूर्ण सड़क को बचाया जा सके और लोगों को आवागमन में राहत मिल सके।
फोटो परिचय- नहर के पानी में डूबी नई सड़क
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