( स्वतंत्र घोष ब्यूरो)
जालौन।महेवा विकासखंड के ग्राम पंचायत चुर्खी में पिछड़ा वर्ग अनुदान निधि से बनाए गए सचिवालय में महेवा विकासखंड में तैनात रहे चार खंड विकास अधिकारियों के खिलाफ वर्ष 2017 से लेकर आज तक कोर्ट की तरह जैसे तारीख पर तारीख दी जाती है ठीक उसी तरह इस ग्राम पंचायत में बीआरजीएफ से निर्मित सचिवालय की जांच 2022-23 में तत्कालीन जिला अधिकारी चांदनी सिंह के द्वारा शासन के आदेशानुसार कराई जा चुकी है और उक्त जांच में पाए गए दोसी चार खंड विकास अधिकारी जिसमे निवर्तमान खंड विकास अधिकारी अर्जुन सिंह वही उनके बाद इसी ब्लॉक में तैनात रहे वीडियो कमलेश कुमार कटियार और उनके बाद खंड विकास अधिकारी रहे प्रमोद सिंह चंद्रोल सहित लोकनाथ सिंह राजपूत आदि के कार्यकाल में इस सचिवालय का बारी बारी भुगतान किया गया जो की एक निजी किसान की भूमि है।
जिसकी गाटा संख्या राजस्व खतौनी के अनुसार 570 है। जो कि गांव के ही निवासी वखत सिंह पुत्र भगवान दीन के नाम है और वही उक्त गाटा संख्या 570 का इलाहाबाद बैंक जो कि आज इंडियन बैंक के नाम से जानी जाती है के यहां से जनपद की ही शाखा बाबई से किसान क्रेडिट के नाम पर बंधक है जिसका क्षेत्रफल 0.034 हेक्टेयर में पंचायत भवन निर्मित है उसी को लेकर चुर्खी ग्राम पंचायत के ही निवासी कृष्ण प्रकाश त्रिपाठी के द्वारा इस मामले को लेकर अनु सचिव पंचायती राज विभाग से इसकी जांच कराए जाने का अनुरोध किया गया।इसके उपरांत उक्त सचिवालय की जांच के आदेश झांसी मंडल के अपर आयुक्त प्रशासन के पत्रांक संख्या 1897 /31 -ई आर के वर्ष वर्ष 2017-18 दिनांक 26 618 में वर्णित निर्देश के अनुसार अनुसरण में मुख्य विकास अधिकारी जालौन में पत्रक 676 / एसटीसीडीओ के द्वारा जांच कर कर दिनांक 12 दिसंबर 2019 द्वारा सहायक अभियंता जिला ग्राम विकास अभिकरण को सौंप गई थी जिसमें जांच पूरी होने के बाद उक्त जांच रिपोर्ट तत्कालीन जिलाधिकारी चांदनी सिंह के द्वारा उक्त जांच प्रमुख सचिव पंचायती राज विभाग को भेज दी गई थी जांच के अनुसार दोषी पाए गए चारों विकास खंडाधिकारियों का दोष सिद्ध होने के बाद सभी के ऊपर रिकवरी जारी कर दी गई थी लेकिन विकास भवन में बैठे पीडीएस कैडर के अधिकारी अपने संपर्क की अधिकारियों को विगत 3 वर्षों में उन्हें बचाने की भरपूर कोशिश में लगे हुए है।
उसी के क्रम में बुधवार को इस पंचायत सचिवालय की जांच करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी के के सिंह जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद गुप्ता तथा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता अनूप कुमार मिश्रा आदि अधिकारियों का काफिला एक बार पुनः इस सचिवालय की जांच करने पहुंच गया जिसकी जांच बीते दो वर्ष पहले हो चुकी है।
सुलझने का नाम नहीं ले रहा ग्राम पंचायत चुर्खी सचिवालय का मुद्दा
इस सचिवालय को बने हुए तकरीबन 13 वर्ष बीत चुके हैं और कई बार इसकी जांच हो चुकी है लेकिन अपने समकक्षी अधिकारियों को फसते देख वीडियो पद से लेकर के सभी विकास विभाग के अधिकारी इन चारों वीडियो को बचाने के लिए तरह-तरह की हथकंडे अपनाते देखे जा रहे हैं लेकिन सच्चाई की असली परत को यह सब अधिकारी खोलकर सामने नहीं रखना चाहते हैं क्योंकि इसका कारण है कि अगर सच्चाई की परत खुलती है तो उक्त चारों खंड विकास अधिकारियों से 14 लाख 85000480 रुपए की नगद रिकवरी करवानी पड़ेगी अब देखना यह है कि बुधवार को पहुंचे जांच अधिकारियों ने परियोजना निदेशक जिला ग्राम विकास अभिकरण विभाग में तैनात सहायक अभियंता अनूप कुमार मिश्रा से तकनीकी जांच करते हुए रिपोर्ट मांगी है।
आखिर कितनी बार होगी यह सचिवालय की जांच
बीआरजीएफ योजना से निर्मित पंचायत सचिवालय लगभग 8 वर्षों से जिले के विकास विभाग के अधिकारियों के लिए सांप छछूंदर जैसी कहानी दोहरा रहा है जैसा कि अगर जांच सही करते हैं तो चार अधिकारियों के गले की हड्डी के फंसने जैसा हाल है जिसके कारण जिले के ग्राम विकास विभाग द्वारा जांच पर जांच कराई जा रही है जबकि सच्चाई की जांच पंचायती राज विभाग को बीते 1 वर्ष पहले ही पहुंच चुकी है लेकिन अधिकारी कहीं ना कहीं अपने अधिकारियों को दोष सिद्ध नहीं करना चाहते हैं।
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