उरई(जालौन)। वामपंथी मोर्चे के बैनर तले शहर की सड़कों पर एक भव्य शांति मार्च निकाला गया, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अमेरिका और इजरायल के युद्ध नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं के हाथों में श्अमेरिका-इजरायल, स्कूली बच्चों के नरसंहार पर जवाब दोश्, श्युद्ध नहीं, शांति चाहिएश्, श्दुनिया को जीने का अधिकार चाहिएश् और श्अमेरिका की गुलामी बंद करोश् जैसे नारों से सजे फेस्टून थे।
मार्च जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर एक जनसभा में परिवर्तित हो गया। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले के जिला सचिव राजीव कुशवाहा ने कहा कि गाजा पट्टी, फलस्तीन, वेनेजुएला और ईरान में राष्ट्रपति की हत्या के बाद युद्ध थोपना साम्राज्यवादी ताकतों की दहशतगर्दी है। उन्होंने निर्दाेष स्कूली बच्चों के कत्ल को बर्बरता करार दिया और आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप डॉलर का वर्चस्व बनाए रखने के लिए दुनिया को गुलाम बनाने की सियासत कर रहे हैं।
भाकपा जिला मंत्री डॉ. रामकिशोर गुप्ता ने कहा कि जब दुनिया प्रदूषण, बीमारी और बेरोजगारी से जूझ रही है, तब युद्ध थोपना मानवता के खिलाफ है। ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस के राष्ट्रीय पार्षद राम सिंह चौधरी ने कहा कि ट्रंप और नेतन्याहू दुनिया की जनता की भावनाओं की परवाह किए बिना युद्ध की आग भड़का रहे हैं।
नेताओं ने एकजुट होकर कहा कि अमेरिका और इजरायल की खूनी हुकूमत अंतरराष्ट्रीय जनमत का उल्लंघन कर रही है। शिव बालक बाथम ने कहा कि मोदी सरकार ने व्यापारिक समझौते करके अमेरिका की गुलामी स्वीकार कर ली है और उसे यह नीति बदलनी होगी। सभा को अशोक गुप्ता महाबली,आसाराम कुशवाहा, देवेश चौरसिया, विजय सिंह राठौर सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मुकेश मौर्य, विजय भारती, संजय गौतम, राजाराम वर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
फोटो परिचय- जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में प्रदर्शन करते वामपंथी
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