--जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारियों एवं तहसीलदारों को दिया प्रशिक्षण, डिजिटल प्रणाली से होगा डेटा संकलन*
जालौन। प्रमुख जनगणना अधिकारी/जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में भारत की जनगणना–2027 के प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” के संबंध में अधिशासी अधिकारियों, तहसीलदारों व तकनीकी स्टाफ का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि भारत की जनगणना–2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन के लिए जनपद में दो दिवसीय एवं तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशालाएं प्रारम्भ की गई हैं। इन कार्यशालाओं में चार्ज अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, कार्यप्रणाली तथा डिजिटल माध्यम से डेटा संग्रहण के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि भारत की यह 16वीं जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसमें पहली बार नागरिकों को ‘स्व-गणना (Self-Enumeration)’ की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके अंतर्गत संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी डिजिटल ऐप/पोर्टल (CMMS) के माध्यम से डेटा संकलन करेंगे। प्रथम चरण के अंतर्गत 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के मध्य निर्धारित अवधि में मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का कार्य किया जाएगा। इस चरण में घर की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं एवं आधारभूत व्यवस्थाओं से संबंधित 33 प्रश्नों की प्रश्नावली के माध्यम से जानकारी एकत्र की जाएगी। द्वितीय चरण के अंतर्गत जनसंख्या एवं जाति गणना (Population/Caste Enumeration) का कार्य 9 से 28 फरवरी 2027 तक किया जाएगा, जबकि 1 से 5 मार्च 2027 तक रिवीजन राउंड आयोजित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण में उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना कार्य को पूर्ण पारदर्शिता, शुद्धता एवं समयबद्धता के साथ संपन्न किया जाए। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की नीतियों, योजनाओं एवं विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए सभी अधिकारी इसे अत्यंत जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराएं।
इस अवसर पर जिला जनगणना अधिकारी/अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संजय कुमार, लखनऊ से ट्रेनर रश्मि सिंह आदि सहित सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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