हजरत दीवान औलिया की दरगाह पर 143वां सालाना उर्स सम्पन्न


-कव्वालियों की रूहानी महफिल में झूमे अकीदतमंद, तीन दिन उमड़ा जनसैलाब
 (कैफ रजा) 
कालपी (जालौन)। नगर के मुहल्ला उदनपुरा स्थित हजरत दीवान औलिया रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर 143वां सालाना उर्स अकीदत और श्रद्धा के साथ सम्पन्न हो गया। तीन दिवसीय इस धार्मिक आयोजन में दूर-दराज से बड़ी संख्या में जायरीन व अकीदतमंद दरगाह पहुंचे और चादरपोशी कर अमन-चौन व खुशहाली की दुआएं मांगीं।
  उर्स के अवसर पर रविवार की रात्रि आयोजित कव्वाली महफिल कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। दिल्ली के मशहूर कव्वाल आमिल आरिफ ने अपने सूफियाना कलाम और अंदाज से महफिल को रूहानी रंग में रंग दिया। वहीं अहमदाबाद के प्रसिद्ध कव्वाल अनीस नवाब ने अपना मशहूर कलाम प्रस्तुत करते हुते सुनाया।

अली नही तो नबी नही है
नबी नही तो अली नहीं है
पेश किया, महफिल में मौजूद अकीदतमंद झूम उठे।।ग़ज़ल, मनकबत और प्रभावशाली मिसरों की प्रस्तुति देकर अकीदतमंदों को देर रात तक झूमने पर मजबूर कर दिया। कव्वालों की मनमोहक प्रस्तुतियों के बीच पूरी रात दरगाह परिसर में इबादत और मोहब्बत का पैगाम गूंजता रहा।
उर्स के दौरान दरगाह पर चादरपोशी, फातिहा और दुआओं का सिलसिला लगातार चलता रहा। आयोजन को लेकर इंतजामिया कमेटी द्वारा साफ-सफाई, रोशनी तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी गईं। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिकों के साथ बाहर से आए जायरीन की मौजूदगी रही, जिससे पूरा क्षेत्र धार्मिक माहौल में सराबोर नजर आया।
इस मौके पर पूर्व पालिकाध्यक्ष कमर अहमद, मुकीम अंसारी, इस्तियाक अंसारी, कल्लू अंसारी, मुन्ना अंसारी, हसीब अंसारी, महबूब आलम, मुस्तकीम अंसारी, बली मोहम्मद उर्फ, साजिद, संजू माते, राजा, कफील, अतीक दीवान, परवेज कुरैशी, अच्छे, बरकत अंसारी सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।

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