(हिमांशु खरकिया)
उरई(जालौन। जनपद न्यायालय परिसर में शुक्रवार को जनपद न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में सभी न्यायिक अधिकारियों को लोक अदालत को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती शम्भवी ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद न्यायाधीश ने निर्देशित किया कि आगामी 14 मार्च को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में केवल वही मामले रखे जाएं जो नेशनल ज्यूडिशियल डाटा ग्रिड (एनजेडीजी) पर पंजीकृत हैं। उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों को अपने-अपने न्यायालयों में लंबित ऐसे मामलों को तत्काल चिन्हित करने, संबंधित पक्षकारों को सूचित करने और उन्हें सुलह-समझौते के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त जनपद न्यायाधीश ने समस्त न्यायिक मजिस्ट्रेट को 13 और 14 मार्च को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत में लघु शमनीय आपराधिक मामलों (पेटी ऑफेंस), एन.आई. एक्ट के प्रकरणों एवं कन्टेसियस (विवादित) वादों का अधिक से अधिक संख्या में निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, पीठासीन अधिकारियों को आर्बिट्रेशन (माध्यस्थ) से संबंधित मामलों की विशेष लोक अदालत के लिए भी पर्याप्त संख्या में वाद नियत करने और उनका निस्तारण करने को कहा गया। बैठक में नोडल अधिकारी/अपर जिला न्यायाधीश सतीश चन्द्र द्विवेदी सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
फोटो परिचय- विशेष लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा करते जिलाजज
उरई(जालौन। जनपद न्यायालय परिसर में शुक्रवार को जनपद न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में सभी न्यायिक अधिकारियों को लोक अदालत को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती शम्भवी ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद न्यायाधीश ने निर्देशित किया कि आगामी 14 मार्च को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में केवल वही मामले रखे जाएं जो नेशनल ज्यूडिशियल डाटा ग्रिड (एनजेडीजी) पर पंजीकृत हैं। उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों को अपने-अपने न्यायालयों में लंबित ऐसे मामलों को तत्काल चिन्हित करने, संबंधित पक्षकारों को सूचित करने और उन्हें सुलह-समझौते के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त जनपद न्यायाधीश ने समस्त न्यायिक मजिस्ट्रेट को 13 और 14 मार्च को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत में लघु शमनीय आपराधिक मामलों (पेटी ऑफेंस), एन.आई. एक्ट के प्रकरणों एवं कन्टेसियस (विवादित) वादों का अधिक से अधिक संख्या में निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, पीठासीन अधिकारियों को आर्बिट्रेशन (माध्यस्थ) से संबंधित मामलों की विशेष लोक अदालत के लिए भी पर्याप्त संख्या में वाद नियत करने और उनका निस्तारण करने को कहा गया। बैठक में नोडल अधिकारी/अपर जिला न्यायाधीश सतीश चन्द्र द्विवेदी सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
फोटो परिचय- विशेष लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा करते जिलाजज
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