रामवनवास और सीता की खोज की लीला का मंचन


जालौन। उरई रोड स्थित श्रीवीर हनुमान बालाजी मंदिर परिसर में चल रहे नवकुंडीय श्रीसीताराम महायज्ञ, श्रीरामलीला महोत्सव व श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन धार्मिक आस्था और श्रद्धा का विशेष वातावरण देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और वैदिक मंत्रों की गूंज से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
यज्ञाचार्य पंडित अमित तिवारी के संचालन में नवकुंडीय महायज्ञ की विभिन्न वैदिक क्रियाएं विधिविधान से संपन्न कराई गईं। आचार्यों ने गणपति पूजन, मंडप पूजन के साथ आहुतियां प्रारंभ कराईं। यजमानों ने परिवार सहित यज्ञ कुंड में आहुति देकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना की। पंडित अमित तिवारी ने बताया कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि वातावरण की शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का माध्यम भी है। उन्होंने श्रद्धालुओं को यज्ञ के आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि वेदों में वर्णित यज्ञ परंपरा मानव जीवन को संयम, त्याग और सहयोग का संदेश देती है। रात में श्रीभैरवजी रामलीला व नाट्य मंडल के कलाकारों द्वारा रामवनवास और सीता की खोज की लीला का मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने प्रभावी अभिनय से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। भागवत कथा में पंडित अंकित पचौरी ने श्रीमद् भागवत की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भागवत श्रवण से मनुष्य के जीवन में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संचार होता है। उन्होंने बताया कि भगवान की कथा मन को पवित्र कर जीवन को सही दिशा प्रदान करती है। कथा श्रवण से सभी को आध्यात्मिक शांति की अनुभूति होती है।
। फोटो : धार्मिक कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं। 

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