उरई(जालौन)। जालौन जिले में इंकलाबी नौजवान सभा और आइसा के बैनर तले आज जिलाधिकारी कार्यालय पर एक शक्तिशाली विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन 26 फरवरी को जवाहरलाल यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में यूजीसी के विरुद्ध शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज और 14 छात्रों की गिरफ्तारी के विरोध में था। प्रदर्शन का नेतृत्व कामरेड मुकेश, संजय गौतम और कामरेड विजय भारती ने किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस के राष्ट्रीय पार्षद कामरेड राम सिंह चौधरी ने कहा कि वर्तमान सरकार मजदूरों, किसानों और छात्रों की दुश्मन बन चुकी है। उन्होंने कहा कि 1956 की यूजीसी गाइडलाइन को लागू न करना सरकार की फासीवादी मानसिकता को दर्शाता है। प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तार सभी छात्रों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की।
अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश सह सचिव कामरेड राजीव कुशवाहा ने कहा कि सामाजिक न्याय और समानता की गारंटी के लिए रोहित वेमुला एक्ट और यूजीसी को तुरंत लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो यह आंदोलन पूरे देश में फैल जाएगा और सरकार की तानाशाही प्रवृत्तियों को समाप्त करेगा। इस दौरान कामरेड मुकेश मौर्य, संजय गौतम, कामरेड लखन राज, कामरेड सुरेश मिस्त्री, नारायण सिंह कुशवाहा सहित कई गणमान्य नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
फोटो परिचय-ज्ञापन प्रदर्शन करते इंकलाबी नौजवान सभा के कार्यकर्ता
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