आरटीई लागू होने के पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का बवाल



उरई(जालौन)। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (ज्थ्प्) के बैनर तले आज जिले के हजारों शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय के सामने विशाल धरना प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर शिक्षक संघ और महिला शिक्षक संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश था।
प्रदर्शनकारियों ने बीएसए कार्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला और प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन डीएम के माध्यम से सौंपा। धरने को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विद्या सागर मिश्र ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से देशभर के लाखों शिक्षकों की नौकरी जा रही है, जिससे कई शिक्षक आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के मौन को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आलोक पाठक ने इस आदेश को अव्यावहारिक करार देते हुए कहा कि इससे शिक्षकों का भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने देश के मुखिया से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। वहीं, महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष व्यंजना सिंह ने इस कानून को काला कानून बताते हुए चेतावनी दी कि अगर इसमें संशोधन नहीं हुआ तो आंदोलन और तीव्र किया जाएगा।

इस दौरान महेंद्र भाटिया, निर्पेन्द्र सिंह, विशाल रावत, संगीता सिंह, अवनीश गुप्ता और उपवन सिंह सहित कई पदाधिकारियों ने भी विचार रखे। धरने की अध्यक्षता विद्या सागर मिश्र ने की, जबकि संचालन जिला मंत्री नरेश निरंजन ने किया। इस अवसर पर राजेश शुक्ला, लालजी पाठक, धर्मेंद्र चतुर्वेदी, केशव द्विवेदी, अभिनव दीक्षित, संतोष तिवारी, कमल कांत गुप्ता, देवेंद्र दीक्षित, वंदना श्रीवास्तव, डॉ. ममता स्वर्णकार, शिल्पा दीक्षित, संतोष राजपूत, रामकृष्ण त्रिपाठी और आलोक यज्ञिक सहित हजारों की संख्या में शिक्षक व शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
फोटो परिचय- जुलूस प्रदर्शन करते शिक्षक

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