कोंच’(जालौन)। बुंदेलखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा श्री रामलीला पर केंद्रित शोध को नई पहचान दिलाते हुए कोंच निवासी डॉ. मुहम्मद नईम ने “बुंदेलखंड की विरासतरू कोंच की रामलीला” विषयक शोध पत्र का वाचन बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झाँसी के हिंदी विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान लखनऊ के सहयोग से आयोजित “ बुन्देलखण्ड के साहित्य, समाज और संस्कृति में श्रीराम “ विषयक संगोष्ठी में किया।
उन्होंने कोंच की ऐतिहासिक रामलीला की परंपरा, उसकी लोक-सांस्कृतिक विशेषताओं तथा सामाजिक समरसता में उसके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
डॉ. नईम ने अपने शोध पत्र में बताया कि कोंच की रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की सामूहिक चेतना, लोककला और सांस्कृतिक विरासत की सशक्त अभिव्यक्ति है। यह परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी सामाजिक एकता, नैतिक मूल्यों और लोकजीवन को सुदृढ़ करती रही है।
शोध, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान लखनऊ की प्रधान सम्पादिका डॉ अमिता दुबे एवं बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झाँसी के कला संकायाध्यक्ष प्रो पुनीत बिसारिया आदि द्वारा डॉ. मुहम्मद नईम को “श्री रामभक्त लेखक सम्मान 2026” से सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा है और वे आगे भी बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर पर शोध एवं लेखन कार्य जारी रखेंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित विद्वानों, साहित्यकारों और संस्कृतिप्रेमियों ने डॉ. नईम के शोध कार्य की सराहना करते हुए इसे बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो मुकेश पांडेय, मध्य प्रदेश शासन के राज्यमंत्री डॉ राजेश श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान लखनऊ की प्रधान संपादिका डॉ अमिता दुबे, कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर आदि द्वारा किया गया । इस अवसर पर प्रो अनंत विजय, धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ( वरिष्ठ अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट), प्रो वीरेंद्र सिंह यादव, राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित शिक्षिका डॉ नीति शास्त्री, आयोजन सचिव डॉ नवीन चंद पटेल, भूगर्भ वैज्ञानिक डॉ डी सी दुबे, फ़िल्म अभिनेता आरिफ़ शहडोली, रंगकर्मी संजय सिंघल, रूपेश कुमार स्वर्णकार, डॉ दीप्ति बिसारिया, लोकभूषण पन्ना लाल असर, डॉ रामशंकर भारती, डॉ निहाल चन्द शिवहरे, डॉ सुनीता वर्मा, डॉ सुधा दीक्षित, डॉ बृजलता मिश्रा, सकेतसुमन चतुर्वेदी, डॉ प्रीति यादव, डॉ कौशल त्रिपाठी, डॉ उमेश शुक्ला, डॉ राघवेन्द्र दीक्षित आदि उपस्थित रहे ।
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