कुठौंद (जालौन)। कुठौंद विकासखंड में किसान डीएपी खाद की कमी से जूझ रहे हैं। सरकार द्वारा उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता के दावों के बावजूद, सहकारी समितियों पर किसानों की भीड़ बढ़ रही है, लेकिन उन्हें डीएपी नहीं मिल पा रही है। इससे रबी की फसल की बुवाई बाधित हो रही है। कुठौंद विकासखंड की साधन सहकारी समिति कुठौंद और भदेख नैनापुर सहित अन्य स्थानों पर किसान लंबी कतारों में खड़े हैं।
हालांकि, उन्हें डीएपी जैसे महत्वपूर्ण उर्वरक उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। यह स्थिति ऐसे समय में बनी है। जब कृषि विभाग डीएपी और एनपीए जैसे उर्वरकों की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध होने का दावा कर रहा है।पिछले सप्ताह आए चक्रवाती तूफान श्मौथाश् के कारण बाजरा व धान की फसल को भारी नुकसान हुआ था। तेज बारिश के चलते पकी हुई और कटी हुई दोनों तरह की धान बाजरा की फसलें सड़ गईं या पानी में डूब गईं।अब किसान रबी की फसल बोने की तैयारी में हैं। लेकिन डीएपी खाद न मिलने से बुवाई में देरी हो रही है। क्षेत्रीय किसान राम सिंह, रामकरण, राजाराम, शशि कांत बाजपेई और रोहित का कहना है कि धान व बाजरा की फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है और यदि अब रबी की बुवाई के लिए खाद नहीं मिली, तो यह भी फसल लेट हो जाएगी, जिससे किसानों की बर्बादी तय है।
फोटो परिचय- बंद पड़ी सहकारी समिति
फोटो परिचय- बंद पड़ी सहकारी समिति
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