जनपद जालौन में फिर से यहां के लोगों को छलने के लिए आने शुरू हो गए छलपुरुष


उरई(जालौन)! बुंदेलखण्ड में जैसे ही गर्मी चरम पर पहुँचती है पानी से बेहाल बुंदेलखंड को पानी से निज़ात को जल के छल पुरुष आने शुरू हो जाते हैं । प्रशासन को याद दिला दें जब सपा सरकार के समय गोमती रिवर फ़्रंट के सलाहकार यही जल के छल पुरुष हैं जिनका नाम उस 2100 पेज़ की जाँच सूची में शामिल है। 

योगी सरकार के सत्ता में आते ही इनको रोकने को कई आई ए एस अधिकारियों को सख़्त निर्देश दिए गये थे कि ऐसे लोंगों को प्रदेश में मेहमान के रूप में किसी कार्यक्रम में न बुलायें। उस समय ये तथा ऐसी ही संस्थाओं का प्रदेश से पलायन हो चुका था इन्होंने अपना कार्यक्षेत्र मप्र को बना लिया था। एक बार फिर इन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज करा ना शुरू कर दिया है। 
जल जीवन मिशन का तीस प्रतिशत बज़ट जल का प्रयोग कैसे करना चाहिए इस पर ही ख़र्च होना है ऐसे में ऐसा कौन फ़ार्मूला जल संरक्षण का देंगे जो जल जीवन मिशन नहीं दे पायेगा। जिस संस्था के बैनर तले इन पहरुओं का आना होता है वह संस्था लगभग चालीस वर्षों से जनपद जालौन में कार्य कर रही है यदि इस संस्था ने सही काम किया होता तो निश्चित ही जनपद में पानी की कमी से निज़ात मिल जाती । सपा शासन में इन्हें स्टेट गेस्ट दर्जा प्राप्त था। हैरानी की बात तो यह है कि इन छल पुरुषों के  मुख्य अतिथि में होने कार्यक्रमों में अधिकारियों को सख्त मनाही के बाद भी अधिकारियों का इस कार्यक्रम में शामिल होना कहां तक शासन की मंशा से मेल खाएगा!

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