0 राजस्व विभाग के अभिन्न अंग है लेखपाल, निभाएं जिम्मेदारी’
उरई(जालौन)। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के नव नियुक्त 67 लेखपालों को प्रशिक्षण प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने लेखपालों को उनकी जिम्मेदारियों का बोध कराते हुए कहा कि वे राजस्व विभाग के अभिन्न अंग हैं और उनकी भूमिका भूमि विवादों के समाधान में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
जिलाधिकारी ने कहा कि लेखपालों का प्रमुख कार्य भूमि की पैमाइश और अंश निर्धारण होता है। गांवों में अक्सर इन कार्यों को लेकर विवाद उत्पन्न होते हैं, जिनका समाधान लेखपाल की दक्षता और निष्पक्षता पर निर्भर करता है। भूमि अभिलेख, म्यूटेशन, राजस्व निर्धारण, आपदा प्रबंधन एवं शासन की विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी दी।उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं से कहा कि वे पूरे मनोयोग और गंभीरता से प्रशिक्षण प्राप्त करें ताकि वे अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन कर सकें और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान कर पाएं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी सेवा को केवल नौकरी न समझें, बल्कि इसे जनसेवा का माध्यम मानें। इसके साथ ही उन्होंने लेखपालों को भू-लेख नियमावली और राजस्व संहिता की विधिवत जानकारी प्राप्त करने पर बल दिया, जिससे कार्यों में पारदर्शिता और सटीकता लाई जा सके। प्रशिक्षण में मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र कुमार श्रीवास, डिप्टी कलेक्टर सौरभ पाण्डेय सहित सभी नव नियुक्त लेखपाल उपस्थित रहे।
फोटो परिचय- नवनियुक्त लेखपालों को प्रशिक्षण देते डीएम
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