जालौन। जिन राशन कार्ड धारकों के यूनिटों (सदस्यों) का ई-केवाईसी अब तक नहीं हुआ है, उन्हें 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से अपना ई-केवाईसी पूरा कराना होगा। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो संबंधित यूनिट कट सकते हैं। यह जानकारी पूर्ति निरीक्षक अजीत कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि कार्डधारकों को मोबाइल नंबर पर संदेश भेजकर भी इसकी सूचना दी जा रही है।
पूर्ति निरीक्षक अजीत कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में पारदर्शिता लाने और अपात्र लाभार्थियों को छांटने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया है। इसके तहत राशन कार्ड धारकों को आधार से लिंक कराना और बायोमेट्रिक सत्यापन कराना आवश्यक है। जिन लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा नहीं होगा, उनके राशन कार्ड की यूनिटें स्वतः समाप्त हो सकती हैं, जिससे उन्हें खाद्यान्न मिलने में परेशानी हो सकती है। राशन कार्ड धारकों को इसके लिए कहीं अन्यत्र जाने की जरूरत नहीं हैं। वह अपने सभी सदस्यों का ई-केवाईसी उचित मूल्य की दुकान (राशन की दुकान) पर जाकर करा सकते हैं। प्रक्रिया के लिए राशन कार्ड, आधार कार्ड और पंजीकृत मोबाइल नंबर लाना होगा हैं। बताया कि जिन कार्डधारकों के कोई ऐसे सदस्य बचे हुए हैं जिनका ई-केवाईसी अब तक नहीं हुआ है, वे तुरंत यह प्रक्रिया पूर्ण करा लें। विभाग की ओर से कार्डधारक के पंजीकृत मोबाइल पर मैसेज भेजकर इसकी जानकारी दी जा रही है। बताया कि अभी तक जालौन ब्लॉक क्षेत्र में 74 फीसदी और कुठौंद ब्लॉक क्षेत्र में 73 फीसदी कार्डधारकों की ई-केवाईसी पूर्ण हुई है। 31 मार्च की समय सीमा के बाद बिना ई-केवाईसी वाले यूनिटों को राशन वितरण से बाहर किया जा सकता है। यदि राशन कार्ड से कोई यूनिट कट जाता है, तो उस परिवार के सदस्य को सरकारी राशन नहीं मिलेगा। इसलिए परेशानी से बचने के लिए 31 मार्च से पूर्व कार्डधारक अपने सभी यूनिटों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करा लें।
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