एनसीसी के 15 सदस्य साइक्लोथान दल का पुलिस लाइन में भव्य स्वागत


X जनपद के शहीदों की वीरांगना धर्मपत्नियों को किया गया सम्मानित और पुरस्कृत 
X 1857 की क्रांति के प्रमुख स्थलों पर श्रद्धांजलि के बाद 26 जनवरी को दिल्ली पहुंचेगा दल 

उरई जालौन - उत्तर प्रदेश एनसीसी के 15 सदस्य साइक्लोंथान दल का नगर आगमन पर यहां पुलिस लाइन स्थित मैदान में भव्य स्वागत किया गया इस दौरान एनसीसी कैडेट्स ने विविध कार्यक्रम नुक्कड़ आदि प्रस्तुत कर 1857 की क्रांति के शहीदों को याद किया इस मौके पर जनपद के शहीदों की वीरांगनाओं को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर महा निदेशक मेजर जनरल विक्रम सिंह रहे तो वही साइक्लोथों दल का नेतृत्व करनाल दुष्यंत सिंह चौहान कमान अधिकारी 58 उत्तर प्रदेश वाहिनी एनसीसी उरई ने किया। 

बताते चलें कि एनसीसी कैडेट्स की साइक्लोंथान रैली का शुभारंभ 1 जनवरी को मेरठ उत्तर प्रदेश से हुआ है 15 दिवसीय टीम मेरठ से चलकर 1857 क्रांति से जुड़े हुए शहरों में पहुंचती हुई सोमवार को उरई नगर में पहुंची जहां विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें जनपद की उन वीरांगनाओं को सम्मान और पुरस्कार दिए गए जिनके पतियों ने सेना में रहते हुए देश के लिए अपना बलिदान दिया और शहीद हुए वीरांगना उमा देवी सिंगर पत्नी शाहिद राजवीर सिंह सेंगर वीरांगना पुष्प लता चौहान पत्नी शाहिद नायक मनोज कुमार वीरांगना कांति देवी शहीद हवलदार धर्मपाल सिंह वीरांगना भूरी देवी पत्नी सहित योगेंद्र पाल सिंह सम्मानित वीरांगनाओं में शामिल हैं संग्राम 1857 साइक्लोथान टीम के कप्तान नरेंद्र चारक साइक्लोथान एवं अंडर ऑफिसर उत्तर प्रदेश निदेशालय एनसीसी निकिता  परिहार ने बताया कि उनकी टीम 18 दिन विभिन्न स्थानों का भ्रमण करते हुए और लोगों को 1857 की क्रांति में शहीदों के योगदान का स्मरण कराते  हुए गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को दिल्ली पहुंचेगी जहां देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस दल को फ्लैग इन करेंगे। 

देशभक्ति से जुड़े गीत सुन भाव विभोर हुए लोग 
उरई - पुलिस लाइन उरई में आयोजित साइक्लोथन रैली के स्वागत समारोह में एनसीसी कैडेट्स द्वारा देशभक्ति के गीत प्रस्तुत किए गए जिन्हें सुनकर वहां मौजूद लोग भाव विभोर हो गए ए मेरे वतन के लोगों जरा आंख में भर लो पानी जो शहीद हुए हैं उनकी जरा याद करो कुर्बानी इस देशभक्ति गीत को जब एनसीसी की केडिट ने जिस ढंग से भावपूर्ण प्रस्तुति की उस लोगों की आंखें नम हो गई।

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