भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री के जीरो टालरेंस के धज्जियां उड़ाई मड़ोरी प्रधान ने


उरई (जालौन)। जनपद जालौन के माधौगढ़ विकास खंड में पंचायतीराज अधिनियम के नियमों की धज्जियाँ उड़ती दिख रही हैं। शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद ग्राम प्रधान अपने और अपने परिजनों के खातों में मनमाने ढंग से मजदूरी का भुगतान करा रहे हैं। इसमें ग्राम पंचायत सचिवों की मिलीभगत का आरोप भी लग रहा है।

ग्राम प्रधान के खाते में लाखों की अवैध भुगतान
तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत मड़ोरी का मामला सबसे चौंकाने वाला है। यहाँ ग्राम प्रधान नीरज कुमार और ग्राम सचिव की कथित साँठगाँठ से ग्राम निधि से फर्जी भुगतान किया गया। प्रधान के खाते में नाली निर्माण, विज्ञापन, सफाई कार्य, आरआरसी सेंटर निर्माण, गौशाला में तार फिटिंग, चरनी निर्माण और गौपालक मानदेय के नाम पर लाखों रुपए डाले गए।ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानों ने ग्राम निधि को लूट का हथियार बना लिया है। विरोध करने वालों को धमकी दी जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से हस्तक्षेप और सख्त कार्रवाई की माँग की है।

गौपालक ने भी डकारे लाखों रुपये
ग्रामीणों के अनुसार, प्रधान के करीबी गौपालक जयसिंह के खाते में भी फर्जी मजदूरी का भुगतान करोड़ों रुपए का किया गया। यह पैसा बाद में प्रधान और उसके साथियों द्वारा बाँट लिया जाता है।
- वित्तीय वर्ष 2024-25 तिरपाल टट्टर, नाली निर्माण, पंचायत घर में टाइल्स, सीसी निर्माण, गौशाला सफाई, मिट्टी भराई, शौचालय निर्माण, हैंडपंप मरम्मत के नाम पर 1,07,984 रुपए का भुगतान।
-वित्तीय वर्ष 2025-26 उक्त कार्यों के नाम पर 3,40,064 रुपए का फर्जी भुगतान।

अधिकारियों का रटा-रटाया जवाब
मामले में जब विभागीय अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि शासन ने निगरानी के लिए ब्लॉक स्तर पर अधिकारी लगाए हैं। लेकिन आरोप है कि थोड़े से पैसों के लालच में ये जिम्मेदार अधिकारी आँखें मूँदे बैठे हैं। परिणामस्वरूप, विकास कार्यों के लिए आने वाली धनराशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो रहा है।हालाँकि, एक अधिकारी ने कहा, इस मामले की जाँच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अब तक ऐसे ढकोसले भरे जवाब ही मिले हैं।
फोटो परिचय- भुगतान का स्क्रीनशाट्

Post a Comment

Previous Post Next Post