(कैफ रजा)
कालपी(जालौन)। स्थानीय नगर में स्थित विख्यात सूफी दरगाह में आयोजित सालाना 143 वें उर्स के अवसर पर दो रातों में कव्वालियों की महफ़िल सजेंगी।हजरत दीवान औलिया चिश्ती रहमतुल्लाह का 143 वां सालाना उर्स कालपी में 14 तथा 1 मार्च को आयोजित होगा। सालाना उर्स मुबारक शान व शौकत के साथ सम्पन्न किया जायेगा। इसके लिए इंतजामिया कमेटी के द्वारा व्यापक प्रबंध किये जा रहे हैं।
कार्यक्रम के बारे में जानकारियां देते हुये महबूब आलम,हसीब अंसारी, बब्लू अंसारी ने बताया कि सालाना उर्स को दो रातों में आयोजित होने वाली कव्वालियों की महफ़िल में हिंदुस्तान की मशहूर कब्बाल पार्टियां शिरकत कर रही है। दरगाह परिसर में आयोजित उर्स के समारोह हिन्दुस्तान की मशहूर कव्वाल पार्टियों में 14 मार्च की रात में फैजान अजमेरी राजस्थान व कौसर साबरी कव्वालियों का प्रस्तुतीकरण करेंगी। जबकि 15 मार्च की रात अनीश नवाब कव्वाल अहमदाबाद तथा आमिर आरिफ दिल्ली की पार्टियां शिरकत करके अपनी रचनाओं का प्रस्तुतीकरण करेंगे। उर्स कमेटी के सदस्य महबूब आलम ने बताया कि उर्स के अवसर पर दरगाह में चादर चढ़ाई जायेगी तथा सुबह कुल की रस्म के साथ उर्स का समापन किया जाएगा। उर्स को मद्देनजर रखते हुए दरगाह परिसर में सजावट तथा रोशनी की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा भारी संख्या में अकीदतमंद उर्स में हिस्सा लेने के लिए पहुंच रहे हैं।
कालपी(जालौन)। स्थानीय नगर में स्थित विख्यात सूफी दरगाह में आयोजित सालाना 143 वें उर्स के अवसर पर दो रातों में कव्वालियों की महफ़िल सजेंगी।हजरत दीवान औलिया चिश्ती रहमतुल्लाह का 143 वां सालाना उर्स कालपी में 14 तथा 1 मार्च को आयोजित होगा। सालाना उर्स मुबारक शान व शौकत के साथ सम्पन्न किया जायेगा। इसके लिए इंतजामिया कमेटी के द्वारा व्यापक प्रबंध किये जा रहे हैं।
कार्यक्रम के बारे में जानकारियां देते हुये महबूब आलम,हसीब अंसारी, बब्लू अंसारी ने बताया कि सालाना उर्स को दो रातों में आयोजित होने वाली कव्वालियों की महफ़िल में हिंदुस्तान की मशहूर कब्बाल पार्टियां शिरकत कर रही है। दरगाह परिसर में आयोजित उर्स के समारोह हिन्दुस्तान की मशहूर कव्वाल पार्टियों में 14 मार्च की रात में फैजान अजमेरी राजस्थान व कौसर साबरी कव्वालियों का प्रस्तुतीकरण करेंगी। जबकि 15 मार्च की रात अनीश नवाब कव्वाल अहमदाबाद तथा आमिर आरिफ दिल्ली की पार्टियां शिरकत करके अपनी रचनाओं का प्रस्तुतीकरण करेंगे। उर्स कमेटी के सदस्य महबूब आलम ने बताया कि उर्स के अवसर पर दरगाह में चादर चढ़ाई जायेगी तथा सुबह कुल की रस्म के साथ उर्स का समापन किया जाएगा। उर्स को मद्देनजर रखते हुए दरगाह परिसर में सजावट तथा रोशनी की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा भारी संख्या में अकीदतमंद उर्स में हिस्सा लेने के लिए पहुंच रहे हैं।
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