राष्ट्रीय लोक अदालत, 2.36 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण, करोड़ों की धनराशि हुई जारी

(हिमांशु खरकिया)
उरई(जालौन)।  जनपद में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने सुलह समझौते के आधार पर 2 लाख 36 हजार से अधिक मामलों का निपटारा किया। इस दौरान पीड़ित पक्षकारों को करोड़ों रुपये की क्षतिपूर्ति राशि भी दिलाई गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उनके साथ समस्त न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती शाम्भवी-प्रथम ने बताया कि जिला जज ने स्वयं 25 मुकदमों का निस्तारण कर पक्षकारों को 1,00,45,416 रुपये दिलाए।

लोक अदालत में सर्वाधिक चर्चित रहा मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण का योगदान। पीठासीन अधिकारी श्री अनिल कुमार वशिष्ठ ने 79 मामलों में बीमा कंपनियों से 1.84 करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति दिलाकर पीड़ितों को राहत प्रदान की। इसी क्रम में जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष श्री विनोद कुमार ने 10 मामलों में 45.52 लाख रुपये की राहत राशि दिलवाई।

   विशेष न्यायाधीश (ई.सी. एक्ट) श्रीमती पारूल पंवार ने विद्युत अधिनियम के सर्वाधिक 393 मामलों का निस्तारण किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अभिषेक खरे ने 2909 आपराधिक वादों में सुलह कराई। राजस्व एवं प्रशासनिक विभागों ने भी उल्लेखनीय योगदान देते हुए प्री-लिटिगेशन स्तर के 2,27,345 मामलों को निपटाया।

आयोजन की व्यापकता को दर्शाते हुए अधिकारियों ने बताया कि कुटुंब न्यायालय, विभिन्न सिविल जज एवं एसीजेएम स्तर के न्यायालयों, ग्राम न्यायालय और जिले की सभी तहसीलों में तैनात न्यायिक अधिकारियों ने मिलकर हजारों की संख्या में लंबित मामलों का सुलह समझौते से निस्तारण सुनिश्चित किया।इस राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों के ऋण वसूली के 545 मामलों में भी समझौता हुआ। कुल मिलाकर न्यायालयों एवं जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस अभियान में 2,36,804 मामलों को निस्तारित कर कार्यक्रम को सफल बनाया गया।
फोटो परिचय- दीप प्रज्ज्वलित कर लोक अदालत का शुभारंभ करतेजनपद न्यायाधीश

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