उरई(जालौन)। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के निर्देशन में मंगलवार को जिला कारागार उरई का मासिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सचिव डीएलएसए श्रीमती शाम्भवी ने विभिन्न बैरकों में जाकर बंदियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।
उन्होंने बंदियों को दी जा रही विधिक सहायता, मुकदमों की पैरवी तथा महिला बंदियों व उनके साथ रह रहे बच्चों के स्वास्थ्य एवं भोजन आदि की जानकारी ली। बच्चों की शिक्षा के संबंध में जेल प्रशासन ने बताया कि उन्हें आंगनबाड़ी केंद्र भेजा जाता है।
सचिव ने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि जिन बंदियों के निजी अधिवक्ता नहीं हैं, उन्हें विधिक सहायता दिलाई जाए। विचाराधीन बंदियों को सरकारी खर्च पर अधिवक्ता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित न्यायालय में प्रार्थनापत्र देने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बंदियों को प्ली बार्गेनिंग स्कीम की जानकारी देने के लिए विधिक जागरूकता शिविर आयोजित करने तथा निर्धारित अवधि पूरी कर चुके बंदियों की सूची डीएलएसए को उपलब्ध कराने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान पाकशाला स्वच्छ पाई गई तथा जेल चिकित्सालय का रिकॉर्ड सही मिला। इस अवसर पर जेल अधीक्षक नीरज देव, जेल चिकित्सक डॉ. राहुल बर्मन व अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
फोटो परिचय- जेल का निरीक्षण करते न्यायिक अधिकारी
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