प्रदेश के 62 प्रतिशत गरीब उपभोक्ता को लालटेन युग में धकेलने की तैयारी


0 अवर, प्रोन्नत अभियंताओं ने विद्युत सुधार गोष्ठी में बेहतर उपभोक्ता सेवा और विद्युत व्यवस्था सुधारों पर की चर्चा
0 राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन उप्र की जनपद शाखा जालौन ने की विद्युत सुधार गोष्ठी
0 पूर्वांचल और दक्षिणआंचल डिस्कॉम का निजीकरण कर आरक्षण समाप्त करने की तैयारी 
उरई (जालौन)। रविवार को राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन शाखा जालौन द्वारा विद्युत सुधार गोष्ठी का आयोजन अधीक्षण अभियंता कार्यालय के प्रांगण में किया गया। जिसमें विशेष आमंत्रित सदस्य केंद्रीय कार्यकारिणी इं. महेंद्र नाथ भारती, इं. जितेंद्र नाथ भारती की उपस्थिति में जनपदीय अध्यक्ष जगदीश वर्मा, जनपद सचिव आलोक खरे एवं जनपद जालौन के सभी अवर, प्रोन्नत अभियंताओं ने विद्युत व्यवस्था सुधार ओर बेहतर उपभोक्ता सेवा के संबंध में विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की।
विद्युत सुधार गोष्ठी में अपनी बात रखते हुये  अधिशासी अभियंता महेन्द्र नाथ ने कहा कि विभाग की बेहतरी और विद्युत व्यवस्था सुधार हेतु की जाने वाली गोष्ठी एक सकारात्मक पहल है और समय समय पर आगे भी आयोजित की जानी चाहिए और इस आयोजन मे उपस्थित सभी को शुभकामनाएं दीं। अधिशासी अभियंता जितेंद्र नाथ ने कहा कि सभी को एकजुट होकर विद्युत व्यवस्था सुधार हेतु प्रयास करने होंगे, व्यवस्था सुधार के नाम पर निजीकरण कोई सकारात्मक विकल्प नहीं है। संगठन के जिलाध्यक्ष जगदीश वर्मा ने कहा कि पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल के निजीकरण होने के बाद उत्तर प्रदेश के गरीब, किसान भाइयों को महंगी दरों पर विद्युत आपूर्ति की जाएगी जिस प्रकार महाराष्ट्र उड़ीसा गुजरात अन्य प्रदेशों में जहां पर निजीकरण पूर्व में किया जा चुका है विद्युत महंगी दरों पर दी जा रही है और प्रदेश की लगभग 62 प्रतिशत गरीब उपभोक्ता लालटेन युग में चले जाएंगे और किसान भाइयों को नलकूप का मुफ्त मिलने वाला लाभ समाप्त कर दिया जाएगा। जिला सचिव आलोक खरे ने कहा कि यही वो कार्मिक हैं जो कोविड जैसी महासंकट के समय दिन रात कार्य करके बिजली व्यवस्था बनाए हुए थे ताकि लॉकडाउन में अस्पतालों और उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति होती रहे अवर अभियंता दिन रात लगातार कार्य करते हैं। इतना ही नहीं संसाधन और मटेरियल की भारी कमी के बाद भी लगातार विद्युत आपूर्ति बनाए रखने का कार्य करते हैं। प्रबंधन को जमीनी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए संगठन के सुझावों पर ध्यान देना चाहिए जिससे बेहतर उपभोक्ता सेवा को चरितार्थ किया जा सके।  क्योंकि निजी कंपनियां कहीं भी आरक्षण का लाभ नहीं देती हैं तो जो भी सरकारी कंपनी बिकेगी जिसका निजीकरण किया जाएगा उसमें आरक्षण स्वतः समाप्त हो जाएगा। जिससे किसी प्रकार का लाभ किसी गरीब को नहीं मिलेगा अमीरों की सत्ता अमीरों के हाथ में रहेगी और अमीर अधिक अमीर होता जाएगा गरीब व्यक्ति और गरीब होता चला जाएगा जो व्यक्ति आज ₹3 यूनिट का भुगतान नहीं कर पा रहा है वह उड़ीसा और महाराष्ट्र की तर्ज पर 15 से 16 रुपए यूनिट का भुगतान कैसे करेगा यह भी एक यक्ष प्रश्न है। गोष्ठी में सहायक अभियंता इं अनिरुद्ध कुमार मौर्य इंजीनियर सुनील कुमार एवं अवर अभियंताओं में प्रमोद कुमार, संतोष कुमार, रमाकांत वर्मा, नवनीत अग्रवाल, निशांत शर्मा, अंकित साहनी, नवीन कंजोलिया, जितेंद्र देव वर्मा, देवेंद्रनाथ बाजपेई, सत्य प्रकाश, मुकुल वर्मा अमन खान, शिवम साहू, गौरव कुमार, अमन पांडे, नवीन कंजोलिया जनपद प्रचार सचिव सहित अनेकों साथी सदस्य उपस्थित रहे।
फोटो परिचय----
विद्युत सुधार गोष्ठी में चर्चा करते विभागीय अधिकारी।

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